क्या डिग्री, क्या डिप्लोमा

“काबिल बनिए, कामयाबी झक मारके आपके पीछे आएगी” – [3 इडियट्स फिल्म से]  

घर के पीछे जो नल लगा है वहां पर रोज़ अपने कपडे और दुसरे आइटम साफ़ करके ही घर में कदम रखता हूँ|  ऐसा इसलिए है क्यूंकि कोरोना वायरस की वजह से साफ़-सफाई और सामाजिक दूरी बनाये रखना जरूरी हो गया है|

वहीँ पर आज एक यूरेका मोमेंट आया|  मन ही मन में सोरव जैन कि बातें चल रही थीं|  सोरव जैन जिसको मैं इन्स्टा ग्राम पर फॉलो करता हूँ|  सोरव इंडिया के कुछ जाने-माने डिजिटल मार्केटिंग के एक्सपर्ट्स में से हैं जिनको मैं फॉलो करता हूँ|  उनकी कही बात मेरे मन में तैर रही थी|  वही बात मैं आपसे शेयर करता हूँ|

वो अपने इन्स्टा लाइव सेशन में सवाल-जवाब कर रहे थे|  उनसे किसी ने पूंछा कि क्या डिजिटल मार्केटिंग में क्या पीजी की डिग्री मिलती है|  ये सवाल अपने आप में बिलकुल लाज़मी बनता है| हम जब किसी भी फील्ड की पढाई करते हैं तो उसकी उपयोगिता ध्यान में रखते हैं|  कोई इंजीनियरिंग या कोई दोक्टरी की डिग्री के लिए क्यूँ जाता है और क्यूँ इतने साल की पढाई करता है|  इसका जवाब मुझे देने की जरूरत नहीं|  और इसलिए कोई भी माँ-बाप अपने बच्चों के लिए ये डिग्री प्राप्त करने के लिए लाखों रुपये खर्च कर देते हैं|  बड़े-बड़े और नामी-गिरामी कॉलेजों में दाखला पाने के लिए तो सिर्फ कोचिंग क्लासेस में ही लाखों रुपये खर्च कर देते हैं| और वो भी कोई पता नहीं होता कि परीक्षा में क्या होगा|  सीट मिलेगी या नहीं?

ऐसे में जहाँ डिग्री और डिप्लोमा प्राप्त करने में सालों की बचत लग जाती है, ये सवाल उठाना जरूरी है कि क्या सचमुच डिग्री और डिप्लोमा हमारी ज़िन्दगी बदल सकते हैं और इसलिए क्या उस पर इतना बड़ा निवेश करना सही होगा|

सोरव ने जब ये सवाल सुना तो उन्होंने बड़ा ही सटीक और शानदार जवाब दिया जो मैं अपने दोस्तों से शेयर करना चाहूँगा|  उन्होंने कहा कि मास्टर्स डिग्री तो अभी डिजिटल मार्केटिंग में नहीं आई है|  मगर आप को किस वजह से मास्टर्स डिग्री चाहिए|  आप तीन महीने का कोर्स करें और फिर उस पर अपना काम शुरू करें|  जो आप काम करेंगे वो आपको रियल एजुकेशन और तजुर्बा देगा|  थ्योरी से ज्यादा जरूरी है तजुर्बा और तजुर्बा काम करने से आएगा|

मैंने अपने जीवन में इस बात को भली-भाँती आजमाया है| जब मैं कॉलेज में था तो मैंने होटल मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन किया|  उसके बाद मैंने कॉल सेंटर में कई साल नौकरी की|  ये कॉल सेंटर बैंकिंग के क्षेत्र में था और मुझे कॉलेज के दिनों से ही न्यूज़ पेपर का बैंकिंग और इकॉनमी सेक्शन बहुत रोचक लगता था|  जब मैं कॉल सेंटर पहुंचा तब मैंने मन बनाया कि मैं बैंकिंग में काम करूँ|  जब ये विज़न मेरी आँखों के सामने क्लियर हो गया मैंने बैंकिंग की तय्यारी की|  कई बार कोशिश की और फिर आखिर में देश के सबसे बड़े बैंक में जगह बना ली| 

क्या मुझे होटल मैनेजमेंट की डिग्री बनकर बना सकती है?  नहीं!

आपका का रुझान और आपका तजुर्बा ही काम आता है अपना करियर बनाने में|  इसलिए महंगी डिग्री प्राप्त करने के पीछे ना भागें|  ऐसा करने से आप अपनी ज़िन्दगी में बड़े-बड़े लोन के भार से अपने आपको दूर रख सकते हैं और फाइनेंसियल पीस(शांति) प्राप्त कर सकते हैं| 

   

बचत करने के 3 सबसे आसान तरीके
बचत करने के लिए ये पता होना चाहिए कि हमें कितनी बचत …
दिसंबर 16 से NEFT करने कि सुविधा 24 घंटे उपलब्ध:
RBI ने घोषणा की है कि अब आप NEFT दिन या रात …

बचत करने के 3 सबसे आसान तरीके

बचत करने के लिए ये पता होना चाहिए कि हमें कितनी बचत करनी है |  “बस बचत करनी है” सोचकर बचत ना हो पायेगी|  ये सोचिये कि कितनी बचत करनी है?

उस बचत की रकम को स्पष्ट करें|  मान लीजिये आपकी सैलरी 10000 है और आप 10% बचाना चाहते हैं तो आपका टारगेट 1000 होगा|  जरूरी नहीं कि वो फिगर आपकी सैलरी का कुछ प्रतिशत हो|  आप कुछ भी और कोई भी फिगर को अपना टारगेट बना सकते हैं|

मगर टारगेट में एक स्पष्ट फिगर होना जरूरी है|  जब एक बार आपने अपना टारगेट समझ लिया तो आपको उस तक पहुँचने का रास्ता दिखेगा|  चलिए, बात करते हैं कि अगर आपकी सैलरी 10000 है और आप हज़ार रुपये बचाना चाहते हैं तो कैसे बचाएँ?

मैं ये मान कर आपसे ये बात कह रहा हूँ कि आपने आज तक कभी पैसे बचाने का नहीं सोचा|  बल्कि आपको हमेशा और हर महीने अपने क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना पड़ता होगा और अगली सैलरी का इंतज़ार रहता होगा| 

  1. आप बैंक में एक RD खोल लीजिये :  RD का मतलब है रेकरिंग डिपाजिट(Recurring Deposit):  आप RD का अकाउंट किसी भी बैंक में या पोस्ट ऑफिस में खुलवा सकता हैं| 

RD में आपको कुछ भी नहीं करना होता|  आपके सेविंग्स खाते से पैसे काटकर आपके RD में चले जाते हैं|  जब आप RD खोलेंगे तब आपको एक निश्चित तारिख पूँछी जाएगी|  कोशिश करें कि वो तारिख आपकी सैलरी डेट से बिलकुल लगी हो ताकि पैसे रहते कट जाएँ और आपके RD अकाउंट में जमा हो जाएँ| 

  •  आप अपना PF बढ़वा लीजिये:  सैलरी से हर महीने आपको PF काटकर देना होता है|  ये PF आपको सैलरी के साथ कट जाता है|  इसका मतलब यह हुआ कि PF का पैसा काटकर आपके PF खाते में जमा हो जाता है ना कि आपके सैलरी सेविंग्स अकाउंट में| 

इस तरह एक्स्ट्रा PF कटवाने से भी आपकी आतोमटिक सेविंग्स हो जाएगी| 

  • आप म्यूच्यूअल फण्ड में SIP शुरू कर लीजिये: म्यूच्यूअल फण्ड रूट भी RD की तरह होता है| आपको कुछ नहीं करना है|  एक बार बस आपको SI(standing Instruction) देना है और हर महीने आपके 1000/- रुपये आटोमेटिक काटकर म्यूच्यूअल फण्ड में जमा हो जायेंगे|

ऊपर के तीन तरीके आपको पैसे आटोमेटिक तरीके से बचाने में हेल्प करेंगे|  आटोमेटिक रूट सबसे आसान और सुगम तरीका है|  ना तो आपको भूलने की झंझट होगी और ना हर महीने बैंक जाने की|  आप बस एक बार अपना सेविंग्स रूट चुने और SI लगवा दें| 

दिसंबर 16 से NEFT करने कि सुविधा 24 घंटे उपलब्ध:

RBI ने घोषणा की है कि अब आप NEFT दिन या रात के किसी भी समय कर सकेंगे|  अभी तक ये सेवा सुबह के 8:00 बजे से शाम के 7:00 बजे तक उपलब्ध थी|  16 दिसंबर से NEFT सुविधा मध्य रात्रि 00:30 बजे से रात्रि 12:00 बजे तक उपलब्ध रहेगी|  इसका मतलब यह हुआ कि अब आप जब चाहें तब NEFT कर पाएंगे| 

24 घंटे की NEFT सुविधा आप अपने इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग से कर सकेंगे| 

आपकी salary slip का क्या महत्व है

कई बार मुझे ऐसे ग्राहक मिल जाते हैं जिनको ये बताना पड़ता है कि आपकी salary slip कितनी जरूरी है|

हम जहां भी काम करते हों, हमारा employer हमें हमारी महीने की पेमेंट करते हैं| हमारी पेमेंट के कई components होते हैं| इन सभी components को देखने के बाद ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आपकी gross salary और net salary कितनी है|

आपकी salary slip में दिखने वाले component:

आमतौर पर salary slip को दो हिस्सों में बांटा जाता है| left side और right side|

left side में दिखने वाले component:

  • Gross Salary
  • Basic Pay
  • Dearness Allowance
  • All Other Allowances

Gross Salary: आपको आपका employer कुल कितनी salary देता हैं | ये basic salary+Dearness Allowance+All Other Allownaces को मिलाकर दाहिने तरफ सबसे नीचे दिया रहता है|

Basic Salary: ये आपकी salary का बहुत ही अहम् हिस्सा है| आपकी Basic Salary के आधार पर ही आपकी Provident Fund, NPS contribution और कई तरह के allowances fix किये जाते हैं| आम तौर पर आपकी PF contribution आपके Basic Salary का 12.5 % होता है|

Dearness Allowance: इसको महंगाई भत्ता कहा जाता है| DA आपकी Basic Salary का कुछ percentage होता है जो समय समय पर मंहगाई को देखकर एडजस्ट किया जाता रहता है| ये आपकी Basic Salary का 1% से लेकर 99% तक जा सकता है|

Other Allowances: इसमें कई तरह के allowances आते हैं| जैसे Overtime, Conveyance, Medical etc.

फाइनेंसियल (financial) पेपर्स का रख रखाव!

आपके पास कितने बैंक एकाउंट्स हैं?

आपके इन्वेस्टमेंट्स (investments) कहाँ-कहाँ पर हैं ? और किस्मे कितना बैलेंस है?

आपका किस-किस चीज़ का insurance है?

आपका बैंक लाकर किस बैंक में है और उसमे क्या क्या रखा है?

और ऐसे ही आपके money matters से जुड़े कई सवाल हो सकते हैं| कुछ का जवाब शायद आप को भी नहीं पता हो| लेकिन आप तो फिर भी फुर्सत निकालकर कभी बैठ सकते हैं और इन सबका हिसाब कर सकते हैं|

मैंने ऐसे बहुत सारे cases देखे हैं जिनमे परिवार वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है| क्या आपके परिवार में आपने किसी को अपने फाइनेंसियल दस्तावेजों की जानकारी दे राखी है?

यदि नहीं, तो ये आप अपने अपनों के साथ बहुत बड़ा मज़ाक कर रहे हैं| मान लीजिये कल को खुदा न खास्ता कुछ भी हो जाता है तो आपके परिवार को कौन और किस तरह सपोर्ट करेगा? आज के समय में किसके पास समय है कि वो किसी के लिए समय निकाल पाए|

इसलिए जरूरी है कि आप अपने फाइनेंसियल दस्तावेज इस तरह से जमा के और अपने किसी निकटतम जन को बता के रखें ताकि उनके मुश्किल वक़्त में आप न सही, आपकी savings और investments काम आये|

दूसरी बात आप को जानकारी होनी चाहिए कि आप अपने सभी तरह के फाइनेंसियल savings और investments पर नॉमिनी दे सकते हैं| यदि नॉमिनी होगा तो उन पैसों को निकालने में आसानी होगी|

तीसरी बात ये है कि आप अपनी सहूलियत के लिए भी अपने सभी फाइनेंसियल पेपर्स एक जगह जमा पर रखें| ऐसा करने से जब कभी आपको किसी भी पेपर की जरूरत पड़ेगी तो आपको तुरंत मिल जायेंगे| इसके लिए आप अपना एक database तैयार कर सकते हैं| एक फोल्डर बना लीजिये और उसमे सभी कागज़ एक जगह पर रख लीजिये|