what is financial literacy ?

ये जरूरी है कि हम अपनी financial planning करें | अगर हम अपनी फाइनेंसियल प्लानिंग करने में कामयाब होते हैं तो हमारी ज़िन्दगी की बहुत सारी टेंशन हम दूर कर सकते हैं | आज के समय में financial problems हमारी ज़िन्दगी का अहम् हिस्सा बन गयी हैं | हम अपनी ज़िन्दगी का 80 % समय सिर्फ पैसे कमाने में लगा देते हैं | इसलिए ये और भी  जरूरी  हो जाता है की हम अपनी ज़िन्दगी को खुशहाल बनाने के लिए अपनी financial planning करें |

हम सब चाहते हैं कि हमारे पास पैसे भी हों और समय भी | जब बच्चे थे तो समय था मगर पैसे नहीं थे | जब बड़े हुए तो पैसे हैं मगर समय नहीं है और जब बूढ़े हो जायेंगे तो पैसा भी होगा और समय भी मगर वो ज़िन्दगी न होगी जो समय और पैसे की चाहत पैसा करते हैं | कुछ रोमांचकारी करने के लिए तब बुढ़ापे में क्या बचेगा |

हम जैसे अधिकाँश लोगों का वर्किंग मॉडल है – 60 साल तक की उम्र तक काम करते रहो और उसके बाद रिटायरमेंट की ज़िन्दगी जिओ | हम सब शायद कभी अपनी ज़िन्दगी जी नहीं पाते | हमारी पूरी ज़िन्दगी कमाने में निकल जाती है |

इसलिए अगर आप चाहते हो कि आप अपनी ज़िन्दगी में जल्दी retirment ले पाएं तो उसके लिए आपको financial planning करनी होगी | हम अपनी फाइनेंसियल प्लानिंग तभी कर सकते हैं जब हमारे पास पर्सनल फाइनेंस की नॉलेज होगी | फाइनेंसियल लिटरेसी हमारे देश में ना के बराबर है| बहुत कम लोग अपने पर्सनल फाइनेंस को समझ पाते हैं और सही decisions ले पाते हैं |

डिमांड ड्राफ्ट क्या है ?

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जब मैं पहली बार कॉलेज में दाखिला लेने गया तो मैंने अपनी एडमिशन फीस डिमांड ड्राफ्ट के जरिये दी थी|  बात आज से कम -से -कम 15 साल पुरानी है| उस ज़माने में ऑनलाइन बैंकिंग की दुनिया का उदय भी नहीं हुआ था|  

लेकिन आज भी 15 साल बाद में अपनी टेबल पर हज़ारों डिमांड -ड्राफ्ट महीने भर में साइन करता हूँ|  इस तरह मैं विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि इसकी उपयोगिता घाटी नहीं है| यदि आपने आज तक डिमांड ड्राफ्ट इस्तेमाल नहीं किया है तो ये ब्लॉगपोस्ट पढ़ने के बाद अगली बार जरूर करेंगे|

डिमांड ड्राफ्ट को समझने के लिए आप मान लीजिये कि ये एक चेक के सामान है जिसकी पेमेंट सुनिश्चित है|  जब आप चेक लिखते हैं तो उसका पेमेंट तभी होता है जब आपके बैंक अकाउंट में पैसे होगे| अगर आपने बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है तो आपका चेक बाउंस भी हो सकता है| मगर डिमांड ड्राफ्ट बैंक आपसे पेमेंट लेने के बाद इशू करती है | इसलिए इसका पेमेंट सुनिश्चित है |  इस तरह अगर आपको पेमेंट लेनी है तो आप पर्सनल चेक के बजाये डिमांड लेंगे तो आपको ज्यादा सहूलियत होगी| मगर ये समझियेगा कि चेक से ली पेमेंट बाउंस होने पे कोई इलाज नहीं है|

जब आप ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करते हैं तो आपको उसको कन्फर्म करने में तकलीफ आ सकती है |  कई बार ऐसा भी हो सकता है कि कोई तकनिकी खराबी की वजह से आपकी पेमेंट फ़ैल हो जाये या फंस जाये |  ऐसे में यदि आप अगर डिमांड ड्राफ्ट से पैम्नेट करते हैं तो आप उसकी एक फोटोकॉपी करके रख सकते हैं और आपके पास सबूत रहेगा की आपने किसको कब और कितने की पेमेंट की थी|  ज्यादातर इसलिए प्लाट की या मकान की रजिस्ट्री कराते वक़्त पार्टियां डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट लेना या देना पसंद करती है|

यदि आप एक शहर से दुसरे शहर जा रहे हैं और आपको कैश साथ नहीं लेकर चलना है तो डिमांड ड्राफ्ट एक कैश लेस्स सेवा है जिसका आप इस्तेमाल कर सकते है|  सामन्यतः ठेकों के लिए कॉशन मनी के रूप में भी डिमांड ड्राफ्ट का है|

डिमांड ड्राफ्ट कहाँ खरीदें ?

डिमांड ड्राफ्ट की सेवा हर बैंक और उसकी ब्रांच में उपलब्धहै |  आप कुछ कमीशन देकर ड्राफ्ट खरीद सकते हैं|

क्या इनकी कोई एक्सपायरी डेट (Expiry date) होती है?

हाँ , अधिकतम 3 महीने

अगर आपके पास PAN कार्ड नहीं है तो क्या हो सकता है ?

 

मैंने पाया है कि जिनको PAN कार्ड के महत्व के बारे में नहीं पता वो PAN कार्ड से परहेज करते हैं|  उन्हें ऐसा लगता है कि यदि PAN कार्ड बनवा लिया या किसी को बता दिया तो इससे उनको टैक्स (tax) देना पद जायेगा|  

जी नहीं, ऐसा बिलकुल नहीं है |  आइये जानते हैं कि PAN कार्ड क्या है और इसके होने/ना होने से क्या हो सकता है |

PAN कार्ड क्या है?

PAN कार्ड का फुल फॉर्म है परमानेंट अकाउंट नंबर(permanent account number).  इसका मतलब आप यूँ समझे कि आपका वो अकाउंट नंबर जो सरकार के पास है| जैसे आप अपने पैसे रखने के लिए बैंक में अकाउंट खोलते हैं और बैंक आपको एक unique नंबर अलॉट करती है |  उसी तरह आपको भारत सरकार आपके फाइनेंसियल ट्रांसक्शन्स( financial transactions) के ब्योरे को आपके PAN नंबर से ट्रैक करती है|

यह एक alpha-numeric है|  इसमें कुछ शब्द होते हैं और कुछ अंक होते हैं|PAN कार्ड पर आपकी तस्वीर अंकित होती है|  इसपर आपका और आपके पिता का नाम का उल्लेख किया जाता है|

अब हम आते हैं PAN कार्ड की जरूरत पर | क्या होगा अगर हमारे पास PAN कार्ड न हो ?  

तो सबसे पहले मैं आपको बता दूँ कि आप को PAN कार्ड की जरुरत कहाँ-कहाँ पड़ सकती है :

  • बैंक में 50 हज़ार या उससे अधिक की राशि एक मस्ट जमा करें
  • बैंक में या पोस्ट ऑफिस में 50 हज़ार या उससे अधिक की राशि की FD के लिए
  • म्यूच्यूअल फण्ड में  50 हज़ार या उससे अधिक की राशि के निवेश के लिए

तो यदि आप ऊपर दी गई कोई भी चीज़ करना चाहेंगे तो आपको PAN कार्ड कि जरुरत पड़ेगी |  अब मान लीजिये कि आपके पास PAN कार्ड नहीं है और आप ने कभी बहुत पहले FD की थी तो उसका क्या होगा ?

ऐसी स्तिथि में आपको मैं बताना चाहूंगा की आप बैंक में दुगुना TDS कटवाएंगे|  जी हाँ | यदि आपके पास ऐसी कोई FD तो तुरंत उसमे अपना सही PAN नंबर डलवाएं| वर्तमान में FD पर अर्जित ब्याज पर 10 % इनकम टैक्स (Income  Tax) लगता है| यदि आपने PAN नंबर नहीं दिया है तो आपको 20 % TDS देना पड़ेगा| यानि दुगुना टैक्स !!

इस तरह यदि आप देखें तो 50 हज़ार या उससे ज्यादा राशि में लेनदेन के लिए PAN कार्ड अनिवार्य है |  इसलिए यदि आपने अभी तक अपना PAN कार्ड नहीं बनवाया हो तो जल्द बनवाएं और इसके अभाव में हो रही असुविधा से बचें |