Health Insurance करने के फायदे

यदि आप insurance का फंडा समझ गए हैं तो आपको health insurance के बारे में समझने में help मिलेगी| health insurance आपके लिए बेहद ज़रूरी है| आइये जानते हैं कैसे|

मैं आपको एक घटना बताता हूँ| मेरे पास रोजाना ऐसे ग्रहाक आते हैं जिनके पास किसी तरह का बीमा नहीं है| health बीमा दूर की बात है| दो दिन पहले ही मैंने एक महिला को personal लोन दिया| वो महिला खुद हॉस्पिटल में काम करती है| उसने personal लोन के लिए अभी कुछ ही दिन पहले application भरी थी| मन अक्सर अपने ग्राहकों से बात-चीत करना पसंद करता हूँ| बात -चीत करने से कई पहलू समझ में आते हैं| और साथ ही interesting लोगों के संपर्क में आने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है|

मैंने महिला से पूंचा कि वो किस काम के लिए personal लोन ले रही हैं| अक्सर मेरे पास personal लोन लेने वालों में ऐसे ग्राहक आते हैं जिनके पास या to ज़मीन खरीदने का मकसद होता है या फिर बेटी की शाद करनी होती है| मुझे इसे लगा कि शायद इस महिला को कहीं ज़मीन खरीदकर रजिस्ट्री कराने के लिए पैसे चाहिए होंगे| फिर भी मैंने पूँछ डाला कि उसके लोन लेने का क्या मकसद है?

महिला ने बताया कि वो अपने बेटे का इलाज कराने के लिए personal लोन ले रही है| फिर उसने बताया कि उसके बेटे के heart में problem है| problem कई दिनों से है और अब मामला सीरियस हो गया है | इसलिए उसे दिखाने और उसका सही इलाज कराने के लिए वो लोन ले रही है| इसके पहले उसने कुछ पैसा अपने सगेसम्बन्धियों से भी लिया था और वो चाहती है कि उनका पैसा वो वापस कर दे| इसलिए इस personal लोन से वो येदोनों काम करने जा रही है|

उनका बीटा 25 साल का हो गया है | लेकिन अभी भी कोंई job में नहीं है| इस तरह उस महिला को अपने बेटे के इलाज के लिए लाखों रुपये बैंक से बड़े महंगे ब्याज दर पर लेना पद रहा है| और उस पर लेन वाला ब्याज जो उसकी कमर तोड़ देगा|

क्या आप जानते हैं कि कोंई भी बीमारी का इलाज कराने के लिए आपको लोन नहीं मिल सकता| आपको होम लोन मिलता है घर बनाने के लिए| आपको कार लोन मिलता है car खरीदने के लिए| आपको एजुकेशन लोन मिलता है अपनी पढाई पूरी करने के लिए| लेकिन आपकी health के लिए कोंई लोन नहीं है|

health insurance

यदि उस महिला के पास health बिमा होता तो वो उस बीमारी का इलाज बड़ी आसानी से बीमा यानि insurance से पूरा कर लेती| health बीमा आपको आपकी सेहत से जुड़े रिस्क से बचाता है| यदी कभी आपको कोंई health issue से गुज़ारना पड़े तो आपकी help करता है|

लेकिन फिर भी लोग health insurance नहीं कराते | वो ऐसा इसलिए करते हैं क्यूंकि वो इसे फ़िज़ूल खर्ची समझते हैं| वो ये समझते हैं कि जब कोंई इलाज नहीं कराना to पैसे क्यूँ देना| ये to बिना बात के पैसे देना हुआ| उन्हें insurance का कांसेप्ट नहीं पता होता|

insurance से ना सिर्फ आप अपनी help करते हैं बल्कि आप अपने समाज की भी help करते हैं| मान लीजिये कि आप्कने जो बिमा का प्रीमियम दिया उससे आपको कोई ज़रुरत नहीं पड़ी मगर उसी पैसे से शायद किसी को मदद मिल जाए जो उस insurance policy से जुदा होगा|

insurance policy में एक जैसे रिस्क के लिए एक बड़ा पूल इकठा किया जाता है और जब किसी को जो उस पूल का सदस्य है जरूरत पड़ती है to use नियमानुसार सहायता दी जाती है| लाखों रुपया जुटाना शय एक आदमी के बस कि बात ना हो मगर जब रिस्क सभी सदस्यों में बाँट दिया जाय to औसतन प्रति मेम्बर उसका भार बहुत कम हो जाता है| इस तरह आपको health insurance से बहुत लाभ मिल सकता है जरूरत पड़ने पर|

मैंने Term Insurance क्यूँ लिया

सलाम्दोस्तों, मैं आपको इस post में अपनी एक न्यू policy के बारे में बताऊंगा| मैंने आपको बताना चाहता हूँ कि मैंने term plan क्यूँ लिया|

कुछ दिनों पहले मैंने अपनी Term Plan policy प्राप्त की| जब policy मेरे घर पर आई तो मैं बड़ा खुश हुआ| मैंने एक करोड़ की term policy ली है | मुझे ये बताते हुए बड़ी ख़ुशी है कि इस policy से मुझे कोंई लाभ नहीं होने वाला | मैं साल का जो प्रीमियम दूंगा वो मेरे लिए एक expense यानि खर्च होगा|

अक्सर हम ऐसी insurance policy खरीदते हैं जो हमारे लिए tax की बचत करे| मुझे याद है कि जब मैंने अपनी job शुरू की थी तब मैंने एक insurance policy करवाई थी| वो policy मैंने इसलिए करवाई थी क्यूंकि मैं tax बचाना चाहता था| मेरे पास और कोंई आप्शन की जानकारी नहीं थी| मैंने अपने साथियों से पूंछा कि tax savings के लिए क्या करना चाहिए to उन्होंने यही suggest किया, “एक Insurance policy” ले लो| सो मैंने ले ली|

हम सभी मोटे तौर पे Insurance policy इसलिए हि करवाते हैं क्यूंकि हम चाहते हैं कि हम कुछ income tax बचा लें| Insurance Agent भी कुछ हमें इस तरह से policy समझाता है कि वो insurance policy नहीं बल्कि tax savings policy लगती है|

मेरे कुछ दोस्त शायद इसी तरह जैसे मैंने अपनीपहली insurance policy करवाई थी, वैसे ही करवाई होगी| कोंई बात नहीं दोस्तों, सभी के साथ ऐसा होता है| इसलिए मैंने ये blog post लिखा है| इस blog post में मैं आपको यही बताना चाहता हूँ कि insurance policy क्यूँ लेनी चाहिए ?

Insurance policy क्यूँ ?

क्या आपको पता है कि insurance की policy कब और क्यूँ लेनी चाहिए?

Insurance का मतलब हैं सुरक्षा | आपदा में सुरक्षा| मान लीजिये आपको किसी आपदा का सामना करना पद जाए तब आपके ऊपर dependants को सुरक्षा मिल सके| Insurance एक छत्री की तरह होता हैं|जब बारिश होती है तब हम छत्री निकालकर बारीश से बाख सकते हैं| यहाँ पर ध्यान दीजिये कि बारिश होगी या नहीं, ये बात पक्की नहीं है मगर एक बात ज़रूर है कि बारिश हो सकती है| इस अंदेशे को ख़त्म और उससे अपने आपको सुरक्षित करने के लिए आप अपने साथ छत्री रखते हैं| एक बार छत्री रख ली to अब कोंई चिंता नहीं | अब आप बेफिक्र होकर घूम सकते हैं और बारिश का साथ में मज़ा ले सकते हैं|

बस यही है Insurance| जब आप किसी जोखिम को पूरी तरह ख़त्म नहीं कर सकते| जिसका डर बराबर बना रहता है उस डर से अपने को आज़ाद करने के लिए आपको Insurance करवाना चाहिए|

insurance में income tax की बचत के पहलू के अलावा एक दूसरा पहलू भी है| बचत का| हमें लगता हैं कि हम जिस insurance policy को खरीद रहे हैं उस insurance policy से कुछ बचत भी कर लें| मेरे प्यारे दोस्तों , जब आप अपनी policy में बचत को भी शामिल करेंगे तो आपको पर्याप्त Insurance कवर नहीं मिल पायेगा| हमें यह जानना ज़रूरी है कि हमारी savings में जाने वाला पैसा हमको FD के आस-पास ही ब्याज दर दे पायेगा| वो Hindi में एक कहावत है कि do नाओं में सवार करने वाले सीधे पानी में जाते हैं| उसी तरह एक ही policy में insurance, income tax और savings सब करने वाले ना to अपना Insurance करवा पाते हैं, ना savings और ना ही proper income tax savings.

जब मैंने term policy ली to मुझे समझ में आया कि कितना सुकून महसूस होता हैं जब आपको पता है कि आपका परिवार और उसका भविष्य सुरक्षित है| ऐसे में आप tension मुक्त हो जाते हो और health बढ़िया हो जाती है और इस तरह आप अपने परिवार के लिए ज्यादा जी पाएंगे और जहाँ भी रहेंगे वहां चैन की सांस ले पाएंगे|

MAB: Minimum Average Balance

क्या आपको पता है कि बैंक आपसे आपके बैंक अकाउंट का किराया वसूल कर सकती है?

शायद आप यह बात जानकार थोडा आश्चर्य में जरूर पड़ जाएं मगर आपको ये जानना बहुत जरूरी है कि आपके account में MAB का चार्ज लग सकता हैं|

बैंक से सैलरी ओवरड्राफ्ट की सुविधा कैसे प्राप्त करें

आप अपने बैंक में आप कई तरह से लोन ले सकते हैं| ऐसी ही एक सुविधा जो आपको कम समय में और बहुत कम कागज़ी-कार्यवाही करने पर आसानी से उपलब्ध हो सकती है वो है बैंक ओवरड्राफ्ट| 

आइये सबसे पहले जानते हैं कि,

बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा क्या है ?

मान लीजिये कि आपके पास सेविंग्स अकाउंट है|  आप जानते ही हैं कि सेविंग्स अकाउंट में जब तक आपका बैलेंस 0 ना हो जाए, आप उसे इस्तेमाल कर सकते हैं|  मान लीजिये आपके सेविंग्स अकाउंट में 5000 रुपये हैं |  इसका मतलब ये हुआ कि आप 5000/- रुपये तक निकाल सकते हैं| 

फिर जैसे हि बैलेंस 0(शून्य) हो जायेगा, आपके पास निकालने के लिए पैसे नहीं बचेंगे|  ऐसी स्थिति में आप क्या कर सकते हैं ?

ऐसी स्थिति में आप बैंक से चाहे to बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा मांग सकते हैं| 

बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा के अंतर्गत आपको बैंक आपके जमा बैलेंस के ऊपर पैसे निकालने की सुविधा प्रदान कर सकता है| चलिए एक example से समझते हैं|  मान लीजिये आपके पास आपके खुद के 5000/- रुपये हैं और आपको बैंक ने 20000/- रुपये का ओवरड्राफ्ट दिया है|  ऐसी स्थिति में आप कुल 25000/- की राशि अपने बैंक सेविंग्स अकाउंट से निकाल सकते हैं| 

बैंक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के लिए पात्र कैसे बनें ?

बैंक अपने चुनिन्दा ग्राहकों को ये सुविधा अपने आप ऑफर करती है|  बैंक ओवरड्राफ्ट सुविधा को प्रदान करने में बैंक मुख्य रूप से आपकी बैंकिंग रिलेशनशिप को आधार बनाती है|  for example, SBI अपने ग्राहकों को जो CGSP, SGSP, PSP, DSP इत्यादि है उनको ये सुविधा पहले दिन से प्रदान करती है|  ये सैलरी पैकेज होल्डर्स हैं|

कितना होगा ब्याज दर ?

सैलरी ओवरड्राफ्ट पर तकरीबन पर्सनल लोन की ब्याज दर के आस –पास ही ब्याज दर होती है|  हम ये मान सकते हैं कि ओवरड्राफ्ट पर आपकी ब्याज दर 10 % से लेकर 20 % प्रति वर्ष हो सकती है| 

बैंक सैलरी ओवरड्राफ्ट सुविधा की समय सीमा

लेकिन ख़ुशी की बात ये है कि आपको सिर्फ उतने ही दिनों के लिए ब्याज देना होगा जितने दिनों के लिए आपने बैंक सैलरी ओवरड्राफ्ट सुविधा का इस्तेमाल किया है|  तो अगर आपने मान लीजिये 25 दिन में बैंक को ओवरड्राफ्ट सुविधा के अंतर्गत लिए पैसे लौटा दिए to आपको सिर्फ 25 दिनों का ही ब्याज देना पड़ेगा|

बैंक सैलरी ओवरड्राफ्ट सुविधा कम समय के लिए दी जाती है| ये समय 2 महीने से लेकर 6 महीने तक के लिए हो सकता है|     निराश ना हो यदि आप self-employed हैं या बिज़नेस करते हैं|  आपके लिए भी बैंक में और कई तरह की ओवरड्राफ्ट ड्राफ्ट सुविधाएं देती है |  इसके लिए आप मेरा CC/OD पर ब्लॉग जरूर पढ़ें|         

मैं पैसों का क्या करूँगा ? (फाइनेंसियल प्लानिंग in hindi)

मुझे अकसर ऐसे लोग मिल जाते हैं जो अपने आप से ये सवाल पूंछते है ,

“ मैं इन पैसों का क्या करूँगा” 

“जो मैं कमा रहा हूँ , क्या मैं अपने साथ ले जाऊंगा”

और फिर ये कहने के बाद अपनी ज़िन्दगी में उसी तरह लग जाते हैं जिस तरह लगे हुए थे |  पैसों के पीछे परेशान और बेहाल|  उनको ये तो महसूस हुआ कि कहीं ना कहीं उनकी जरूरतें सीमित हैं मगर फिर भी वो अपने आपको ये नहीं समझा पाते कि बस अब हो गया|  लगे रहते हैं पैसों के पीछे हाय तोबा करते| 

कुछ लोगों को मैंने पाया है कि वो अपने आपको insecure महसूस करते हैं|  उन्हें लगता है कि आज to बढ़िया चल रहा है मगर क्या पता कल हो ना हो ! इसलिए लगे रहते हैं पैसे बटोरने में| 

तो ऐसा क्यूँ होता है ?

ऐसा क्या है जो हमें रात दिन परेशान करता है ? क्या आपने कभी अपने इस सवाल को गेहराई से समझा-परखा|  मैं भी पहले सोचा करता था कि अगर मेरी नैउकरी चली गई to मैं कैसे अपनी और अपने परिवार की ज़िन्दगी चलाऊंगा? मुझे भी insecurity की feelings आती रहती है| 

 तो हम इस insecure feelings से कैसे अपने को आज़ाद करें?  क्या कोंई उपाय है ?

जी हां |  उपाय है | 

इसका उपाय ये है कि हम आपने पैसों की प्लानिंग यानि financial planning करें| 

तो क्या है ये financial planning और कैसे की जाती है| 

financial planning का मतलब है कि आपको अपने पैसों से क्या करना है इसका पूरा विस्तृत प्लान |  आपके प्लान में ये आपको पता रहता है कि आपके पास पैसा कहाँ से आएगा और कहाँ जायेगा|  आपको पता रहेगा कि आप के फाइनेंसियल goals या यूँ कहें कि आपके वो प्लान जो आप अपने लिए और अपने परिवार के लिए करते हैं उनको कब तक में और कैसे पूरा कर लेंगे?

आपका प्लान एक written document(लिखित दस्तावेज़) होता है|  ये आपको नक़्शे की तरह गाइड करता है कि आपके जीवन के अलग-अलग पड़ाव में आप कैसे आगे बढ़ेंगे| 

चलिए थोडा इस प्लानिंग को खुलकर समझते हैं |  मान लीजिये आपके 2 बच्चे हैं और अभी वो छोटे हैं| आपके बच्चे 6 और 2 साल के हैं| आप अभी 35 साल के हो गए हैं|  आप किसी दफ्तर में नौकरी करते हैं और आपकी retirement की age है 60 साल|  आप दोनों कमाते हैं|  क्या आप बता सकते हैं आपके आने वाले समय में आपको किस-किस तरह के खर्चों के लिए तैयार रहना होगा ?

  1. आपके बच्चों की एजुकेशन
  2. आपकी retirement
  3. आपके पास शायद अपना घर ना हो मगर आप जरूर चाहोगे कि आपके पास आपका खुद का घर हो

ये कुछ ऐसे खर्चे हैं जिसके लिए आपकी एक महीने, एक साल की सैलरी से पूरा होना ना संभव नहीं है|  क्यूंकि ये खर्चे बड़े हैं, आपको काफी सारा पैसा इक्कठा करना होगा|  और उतना पैसा इक्कठा करने के लिए एक प्लान तैयार करना होगा|  इसी प्लान की मैं बात कर रहा हूँ आपसे |  

एक अच्चा plan आपको बताता है कि आपको किस तरह अपने financial goals तक पहुँच पाएंगे|  इतना ही नहीं ये आपके खर्चों को भी नियंत्रित करने में कारगर सिद्ध होगा|  ऐसा आप इसलिए कर पाएंगे क्यूंकि आपको तब पता होगा कि आपको कितना पैसा इक्कठा करने के लिए हर महीने, हर साल कितना बचाना है और कहाँ लगाना है|

financial planning(फिन प्लान) के कई पहलू हैं|

  1. सेविंग्स प्लान
  2. निवेश का प्लान
  3. बीमा का प्लान
  4. इनकम टैक्स का प्लान
  5. बजट

financial प्लानिंग को मैं अब आगे फिन प्लान और फिन प्लानिंग से रेफर करूँगा| 

आपकी फिन प्लानिंग अच्छी होगी to आपको insecurity की feelings ख़त्म हो जाएँगी|  हम जीवन में किसी भी पड़ाव में हों फिन प्लानिंग से हम अपनी life बेहतर और मस्त बना सकते हैं| 

हर व्यक्ति को अपनी फिन प्लानिंग करनी चाहिए|  जितनी जल्दी आप इसे शुरू करेंगे उतनी ज्यादा अच्छी आपकी फिन प्लानिंग हो पायेगी| 

तब आप अपने आपको सचमुच आज़ाद महसूस कर पाएंगे – चिंताओं से|